Yoga Guru

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स्वामी कुवलयनन्दा

स्वामी कुवलयनन्दा

स्वामी कुवलयनन्दा (१८८३-१९६६), हठ्ठा योगा के शास्त्रिय विज्ञान के प्रसिध्द भारतिय अग्रणि , जगन नाथ गणेष गुने के नाम से पैदा हुऐ |


अपने गुरु से योग शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात उन्होने अपने आप से प्रश्न किया कि योग अभ्यास के लाभ क्या हैं | यह प्रश्न ने उन्हे योग शिक्षा को वैज्ञानिक रूप में लोकप्रिय करने में सहायता की ताकि लोग उसको समझ सकें और उसका पालन कर सकें |


उन्होने १९००'स मे योग अभ्यास शुरू किया जबकि भारत में उस समय योग को अच्छे से नहीं जाना जाता था | उन्होंने अपनी वैज्ञानिक अध्ययन के प्रयोगशाला प्रदान करने के लिये , कैवलयाध्यम हेल्थ एंड योग रिसर्च सेंटर की स्थापना की | उसी समय उन्होने पहली वैज्ञानिक पत्रिका की शुरुवात की जिसका नाम उन्होने योगा भीममसा रखा |


स्वामी जी एक प्रसिद्ध व्यक्ति थे जिन्होने योग शिक्षा पंडित मोतीलाल नेहरू , पंडित जवाहरलाल नेहरू , पंडित मनमोहन मालविया से प्राप्त की |


पंडित जवाहरलाल नेहरू ने एक बार बोला कि कुवलयनन्दा सक्षम , आकर्षित एवं ईमानदार व्यक्ति है और उनका काम किसी और विदेश मे ना होकर केवल भारत होना चाहिए |


वह महात्मा गांधी के स्वास्थ्य सलाहकार थे और उन्होने उनके कई बीमारियों के लिए आहार एवं विहार के बारे में बताया | स्वामी जी के काम ने पश्चिम में योग एवं उसके अभ्यास को प्रभावित किया |


वह एक तर्क वादी होने के कारण उन्होने योग के मनो भौतिक प्रभाव को वैज्ञानिक रूप से प्रदर्शित किया और वह उनका जिंदगी का कार्य बन गया |